Monday, December 20, 2010

मैं हूँ उनके साथ

मैं हूँ उनके साथ जो सीधी रखते अपनी रीढ़ l
मैं हूँ उनके साथ जो सीधी रखते अपनी रीढ़ ll
कभी नहीं जो तज सकते हैं अपना न्यायोचित अधिकार l
कभी नहीं जो सह सकते हैं, शीश नवाकर अत्याचार ll
एक अकेले हो या उनके साथ खड़ी हो भरी भीड़ l
मैं हूँ उनके साथ जो सीधी रखते अपनी रीढ़ ll

निर्भय होकर घोषित करते जो अपने उदगार विचार l
जिनकी जिह्वा पर होता हैं, उनके अंतर का अंगार ll
नहीं जिन्हें चुक कर सकती हैं आतताइयों की शमशीर l
मैं हूँ उनके साथ जो सीधी रखते अपनी रीढ़ ll

नहीं झुका करते जो दुनिया से करने को समझौता l
ऊँचे से ऊँचे सपने को देते रहते जो न्यौता ll
दूर देखती जिनकी पैनी आंख भविष्य का तम चीर l
मैं हूँ उनके साथ जो सीधी रखते अपनी रीढ़ ll

जो अपने कन्धों से पर्वत से अड़ टक्कर लेते हैं l
पथ की बाधाओं को जिनके पांव चुनौती देते हैं ll
जिनको बांध नहीं सकती हैं लोहे की बेडी जंजीर l
मैं हूँ उनके साथ जो सीधी रखते अपनी रीढ़ ll

जो चलते हैं अपने छप्पर के ऊपर लुका धर कर l
हार जीत का सौदा करते जो प्राणों की बाजी पर ll
कूद उदधि में नहीं पलट फिर ताका करते तीर l
मैं हूँ उनके साथ जो सीधी रखते अपनी रीढ़ ll

जिनको यह अवकाश नहीं हैं, देखे कब तारे अनुकूल l
जिनको यह परवाह नहीं हैं कब तक भद्रा कब दिक्शुल ll
जिनके हांथों की चाबुक से चलती हैं उनकी तक़दीर l
मैं हूँ उनके साथ जो सीधी रखते अपनी रीढ़ ll

CopyRights: हरिवंशराय बच्चन, India.

1 comment:

  1. Nice blog .its should b updated once in a week .more information should b added about our pujiya gurudev and their family .
    Jaya gurudev!
    Gaurav ram timalsina

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