Monday, May 30, 2011

Prayers

Prayers and speaking out one's feelings to the Lord is a medium of making the mind pure. It helps get rid of evil thoughts.

Thursday, May 26, 2011

Devotion

Devotion to God does not mean giving up things. Devotion means the flowering of all one's capabilities. True religion never tells a person to give up worldly duties. Religion asks a person to get rid of mental disturbance, moral wrongs and ignorance.

Thursday, May 05, 2011

suffer sorrows and pain

There is no more a happy person than a Sadhak in this world. A common person is ignorant. Ignorance leads to egotism. Egotism generates fear. Fear leads to confusion. Confusion is there because man has many wishes. And most wishes are there because man desires pleasure. It is due to indulgence in pleasures that a person develops traits. It is due to these traits that a person has to take birth again and again and has to suffer sorrows and pain.

Wednesday, May 04, 2011

दिव्य युग

ओम ब्रम्हा वे दिवौ ह: स: दिवौ ।
वे गुरु वे सदा ह: ।।


इश घोर संक्रमण काल मैं
जब मानव दिग्भ्रमित है
तुम पाथेय बनो ।
जब वे खोखली सभ्यता से दिशासुन्ये हैं
तुम मार्ग दर्शक बनो
जब वे आसुरी परवर्तीयों में लिप्त हैं
तुम साधनाताम्क परकाश से सुनय्ता भरो ।
छा जाओ पूरी पृथ्वी पर, और साधना
के द्वारा सह्श्त्रार जाग्रत कर
प्राणमय कोष से
धरा पर सिद्धाश्रम प्रेरित दिव्य युग स्थापित करो ।

Monday, May 02, 2011

हर पल निखिल

गुरुवर शरण, गुरुवर शरण, गुरुवर शरण गहो |
हर पल निखिल, हर पल निखिल, हर पल निखिल कहो |
हर पल निखिल, हर पल निखिल, हर पल निखिल कहो |

गुरुवर शरण, गुरुवर शरण, गुरुवर शरण गहो |
हर पल निखिल, हर पल निखिल, हर पल निखिल कहो |
हर पल निखिल, हर पल निखिल, हर पल निखिल कहो |

जिस देश में, जिस भेष में रहो | जिस देश में |
जिस देश में, जिस भेष में रहो |
हर पल निखिल, हर पल निखिल, हर पल निखिल कहो |
हर पल निखिल, हर पल निखिल, हर पल निखिल कहो |

गुरुवर शरण, गुरुवर शरण, गुरुवर शरण गहो |
हर पल निखिल, हर पल निखिल, हर पल निखिल कहो |
हर पल निखिल, हर पल निखिल, हर पल निखिल कहो |

जिस ध्यान में, जिस स्थान में रहो | जिस ध्यान में |
जिस ध्यान में, जिस स्थान में रहो |
हर पल निखिल, हर पल निखिल, हर पल निखिल कहो |
हर पल निखिल, हर पल निखिल, हर पल निखिल कहो |

गुरुवर शरण, गुरुवर शरण, गुरुवर शरण गहो |
हर पल निखिल, हर पल निखिल, हर पल निखिल कहो |
हर पल निखिल, हर पल निखिल, हर पल निखिल कहो |

जिस योग में, जिस भोग में रहो | जिस योग में |
जिस योग में, जिस भोग में रहो |
हर पल निखिल, हर पल निखिल, हर पल निखिल कहो |
हर पल निखिल, हर पल निखिल, हर पल निखिल कहो |

गुरुवर शरण, गुरुवर शरण, गुरुवर शरण गहो |
हर पल निखिल, हर पल निखिल, हर पल निखिल कहो |
हर पल निखिल, हर पल निखिल, हर पल निखिल कहो |

हर पल निखिल, हर पल निखिल, हर पल निखिल कहो |
हर पल निखिल, हर पल निखिल, हर पल निखिल कहो |

हर पल निखिल, हर पल निखिल, हर पल निखिल कहो |
हर पल निखिल, हर पल निखिल, हर पल निखिल कहो |