Tuesday, March 27, 2012

निखिलेश्वरानंद पंचक


ॐ नमः निखिलेश्वर्यायै कल्याण्यै ते नमो नमः|
नमस्ते रूद्र रूपिंण्यै ब्रह्म मूर्त्यें नमो नमः ||1||

नमस्ते क्लेश हारिण्यै मंगलायें नमो नमः|
हरति सर्व व्याधिनां श्रेष्ठ ऋष्यै नमो नमः. ||2||

शिष्यत्व विष नाशिन्यें पूर्णतायै नमो नमः|
त्रिविध ताप संहत्र्यै ज्ञानदात्र्यै नमो नमः ||3||

शांति सौभाग्य कारिण्यै शुद्ध मूर्त्यें नमो नमः|
क्षमावत्यै सुधात्यै तेजोवत्यै नमो नमः ||4||

नमस्ते मंत्र रूपिण्यै तंत्र रूपे नमो नमः|
ज्योतिषं ज्ञान वैराग्यं पूर्ण दिव्यै नमो नमः ||5||

य इदं पठते स्तोत्रं श्रृणुयात श्रद्धयान्वितम|
सर्व पाप विमुच्यन्ते सिद्ध योगिश्च जायते ||6||

रोगस्थो रोग तं मुच्येत विपदा त्रानयादपि|
सर्व सिद्धिं भवेत्तस्य दिव्य देहश्च संभवे ||7||

निखिलेश्वर्य पंचकं नित्यं यो पठते नर:|
सर्वान कामान अवाप्नोति, सिद्धाश्रमवाप्नुयात ||8||

1 comment:

  1. This one is really useful resource of information. I'm glad to see this post over here.

    Yoga Workshop Philippines | Certified Yoga Training Centre

    ReplyDelete